गोवा संग्रहालय में प्रदर्शित हुई गिरीशा बोहरा की पुस्तक ‘दीवाने-ए-आम’

जोधपुर। शहर की युवा कलाकार गिरीशा बोहरा की रचनात्मक पुस्तक ‘दीवाने-ए-आम’ को गोवा में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है। गोवा संग्रहालय में 9 मई से 14 जून तक “आम और अर्थ : इतिहास, पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक कल्पना” विषय पर आयोजित इस प्रदर्शनी में देश-विदेश के 40 से अधिक कलाकारों की कृतियां और कलात्मक प्रतिक्रियाएं प्रदर्शित की जा रही हैं।

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जोधपुर। शहर की युवा कलाकार गिरीशा बोहरा की रचनात्मक पुस्तक ‘दीवाने-ए-आम’ को गोवा में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है। गोवा संग्रहालय में 9 मई से 14 जून तक “आम और अर्थ : इतिहास, पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक कल्पना” विषय पर आयोजित इस प्रदर्शनी में देश-विदेश के 40 से अधिक कलाकारों की कृतियां और कलात्मक प्रतिक्रियाएं प्रदर्शित की जा रही हैं।

गिरीशा बोहरा द्वारा तैयार की गई यह पुस्तक उन्होंने National Institute of Fashion Technology में अपने चौथे सेमेस्टर के दौरान बनाई थी। ‘दीवाने-ए-आम’ शीर्षक वाली यह पुस्तक आम के इतिहास, उससे जुड़ी रोचक कहानियों, किस्सों और विभिन्न किस्मों का एक अनूठा संग्रह है। पुस्तक में आम के प्रति उनके गहरे लगाव और भारतीय संस्कृति में इस फल के महत्व को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

गिरीशा ने बताया कि यह प्रोजेक्ट केवल एक डिजाइन कार्य नहीं, बल्कि बचपन की यादों और पारिवारिक अनुभवों को कला के माध्यम से जीवंत करने का प्रयास है। पुस्तक में आम के बारे में सामान्य जानकारी के साथ-साथ परिवार से जुड़ी कई भावनात्मक कहानियां भी शामिल की गई हैं। खासतौर पर उनके पिता समाजसेवी नरेंद्र राज बोहरा और बहन जिज्ञासा बोहरा द्वारा साझा किए गए अनुभवों और किस्सों को कलात्मक रूप में पुस्तक के पन्नों पर उकेरा गया है।

प्रदर्शनी में आने वाले दर्शक पुस्तक की प्रस्तुति, चित्रांकन और विषय चयन की सराहना कर रहे हैं। कला और डिजाइन के माध्यम से आम जैसे सामान्य फल को सांस्कृतिक और भावनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का यह प्रयास काफी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

गिरीशा बोहरा की इस उपलब्धि को जोधपुर के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय कला प्रेमियों का कहना है कि युवा कलाकारों की ऐसी रचनात्मक उपलब्धियां देशभर में राजस्थान की कला और संस्कृति को नई पहचान दिला रही हैं।

 
 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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