सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह आयोजित
जोधपुर/जयपुर। सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि नवजीवन की शुरुआत का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने अर्जित ज्ञान को समाज और राष्ट्रहित में समर्पित करें।
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत विद्यार्थी जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां से वास्तविक जीवन की जिम्मेदारियां प्रारंभ होती हैं। उन्होंने प्राचीन गुरुकुल परंपरा के ‘समावर्तन संस्कार’ का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और विनम्रता के साथ जीवन में आगे बढ़ना है। उन्होंने विद्यार्थियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम और न्याय की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में उपस्थित राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि न्याय और सेवा की भावना से ही राष्ट्र सशक्त बनता है। उन्होंने युवाओं से अपेक्षा की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करें।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में आधुनिक पुलिसिंग की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ते साइबर अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों का प्रसार और सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए तकनीक और मानवीय मूल्यों का समन्वय आवश्यक है। डेटा एनालिटिक्स, फोरेंसिक साइंस और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में दक्षता विकसित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ‘जन सेवा ही परम धर्म’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए पुलिस को जनता का विश्वास जीतना होगा, क्योंकि यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। साथ ही उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
समारोह के अंत में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विश्वविद्यालय द्वारा पुलिसिंग, आंतरिक सुरक्षा और दाण्डिक न्याय के क्षेत्र में किए जा रहे शिक्षण एवं अनुसंधान कार्यों की भी सराहना की गई।
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