झूठे मुकदमों पर कार्रवाई की मांग

जोधपुर / बाड़मेर में खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई, राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना तथा पर्यावरण प्रेमियों पर दर्ज कथित झूठे मुकदमों के विरोध में व्यापक रोष देखने को मिला। बिश्नोई समाज के संतों के सानिध्य में पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक परसराम बिश्नोई और रामनिवास बुधनगर के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने अतिरिक्त संभागीय आयुक्त सुनीता चौधरी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

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जोधपुर / बाड़मेर में खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई, राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना तथा पर्यावरण प्रेमियों पर दर्ज कथित झूठे मुकदमों के विरोध में व्यापक रोष देखने को मिला। बिश्नोई समाज के संतों के सानिध्य में पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक परसराम बिश्नोई और रामनिवास बुधनगर के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने अतिरिक्त संभागीय आयुक्त सुनीता चौधरी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में विशेष रूप से बाड़मेर जिले में खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई को गंभीर मुद्दा बताया गया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आदेशों की अनदेखी की जा रही है। इसे पर्यावरण संरक्षण के प्रति लापरवाही और कानून की अवहेलना बताया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि जो पर्यावरण प्रेमी अवैध कटाई का विरोध कर रहे हैं, उन्हें दबाने के लिए उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। इस तरह की कार्रवाई से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नुकसान पहुंच रहा है और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भय का माहौल बन रहा है।

ज्ञापन के माध्यम से कई प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें खेजड़ी की अवैध कटाई पर तत्काल पूर्ण रोक लगाने, आदेशों की अवहेलना करने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, बाड़मेर में सामने आए मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों को दंडित करने की मांग शामिल है। साथ ही, पर्यावरण प्रेमियों पर दर्ज झूठे मुकदमों को तुरंत निरस्त करने और प्रशासनिक मिलीभगत की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की भी मांग की गई।

इसके अतिरिक्त खेजड़ी संरक्षण के लिए सख्त एवं प्रभावी कानून लागू करने तथा पर्यावरण कार्यकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग उठाई गई। इस दौरान कई सामाजिक कार्यकर्ता और बिश्नोई समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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