साईबर थाना की साईबर अपराधियो के विरूद्ध बड़ी कार्यवाही

जोधपुर साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 95 डेबिट कार्ड, 30 सिम कार्ड, 11 मोबाइल फोन, डाक पार्सल के अलग-अलग नाम से प्राप्त 9 लिफाफे और विभिन्न बैंकों की 18 पासबुक जब्त की हैं।

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जोधपुर साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 95 डेबिट कार्ड, 30 सिम कार्ड, 11 मोबाइल फोन, डाक पार्सल के अलग-अलग नाम से प्राप्त 9 लिफाफे और विभिन्न बैंकों की 18 पासबुक जब्त की हैं।

यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय जयपुर और भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र, गृह मंत्रालय, दिल्ली के दिशा-निर्देशन में की गई। पुलिस आयुक्त शरत कविराज और पुलिस उपायुक्त शाहीन सी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त धन्ना राम के सुपरविजन में साइबर थाना टीम का गठन किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त पदमदान चारण के मार्गदर्शन में निरीक्षक सुरेश सारण के नेतृत्व में टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

घटना के अनुसार, पुलिस टीम शहर के विभिन्न एटीएम पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान धनराज, भजनलाल और अक्षय नामक तीन युवक संदिग्ध रूप से कैश निकासी करते पाए गए। पूछताछ करने पर उन्होंने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपने ठिकाने का खुलासा किया, जहां से भारी मात्रा में डेबिट कार्ड, सिम और अन्य दस्तावेज बरामद हुए।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी देशभर से बैंक खाते खरीदकर उन्हें अपने नाम पर पार्सल के जरिए मंगवाते थे। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम डालकर 30 से 60 मिनट के भीतर एटीएम से नकदी निकाल ली जाती थी, ताकि शिकायत दर्ज होने से पहले खाते खाली हो जाएं। इसके बाद इस रकम को यूएसडीटी या अन्य वर्चुअल करेंसी में बदलकर मोटा मुनाफा कमाया जाता था।

पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही आमजन से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, सिम कार्ड या अन्य दस्तावेज किसी भी व्यक्ति को लालच में आकर उपयोग के लिए न दें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत शिकायत करें।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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