पुलिस थाना बासनी की त्वरित कार्यवाही

जोधपुर। पुलिस थाना बासनी की तत्परता और सक्रियता से चार गुमशुदा नाबालिग बच्चों को मात्र दो घंटे में सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार जताया।

 

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जोधपुर। पुलिस थाना बासनी की तत्परता और सक्रियता से चार गुमशुदा नाबालिग बच्चों को मात्र दो घंटे में सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार जताया।

जानकारी के अनुसार 19 मई 2026 की रात करीब 10:30 बजे बासनी थाना में मुन्नी देवी पत्नी जितेश कुमार सिंह निवासी मांझी, जिला छपरा बिहार हाल सरकारी स्कूल के पास बासनी गांव जोधपुर ने अन्य परिजनों के साथ उपस्थित होकर रिपोर्ट दी कि उनके 10 वर्षीय पुत्र सहित चार नाबालिग बच्चे सुबह करीब 9 बजे घर से बिना बताए कहीं चले गए हैं। काफी तलाश के बावजूद बच्चों का कोई सुराग नहीं लगने पर पुलिस से मदद मांगी गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त शरत कविराज, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त कमल शेखावत एवं नरेन्द्र सिंह देवड़ा के निर्देशन में सहायक पुलिस आयुक्त छवि शर्मा तथा थानाधिकारी नितिन दवे के नेतृत्व में तुरंत अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने बासनी गांव, सालावास रोड, सांगरिया रोड और एम्स रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ट्रांसपोर्ट नगर, एम्स अस्पताल और अन्य संभावित स्थानों पर पुलिसकर्मियों को भेजा गया।

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में बच्चे बासनी रेलवे स्टेशन की ओर जाते दिखाई दिए। बाद में जानकारी मिली कि बच्चे ट्रेन में बैठकर लूणी तक गए थे और वापस लौटकर बासनी स्टेशन आ गए। पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर गहन तलाशी अभियान चलाया, जहां चारों बच्चे अंधेरे में सोते हुए मिले। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे गर्मियों की छुट्टियों में घूमने जाने की योजना बनाकर ट्रेन से लूणी गए थे, लेकिन वापस लौटने के बाद थकान और घरवालों के डर से स्टेशन पर ही सो गए।

पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया। कार्रवाई में थानाधिकारी नितिन दवे सहित चैनाराम, सुमेरसिंह, हीराराम, डूंगरराम, रामदीन और धर्मेन्द्र की विशेष भूमिका रही।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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