सिणेर में अवैध कपड़ा इकाइयों पर कार्रवाई

बालोतरा। जिले के सिणेर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित कपड़ा धुपाई इकाइयों के खिलाफ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई यूनिट्स को बंद करवाया। ये इकाइयां कृषि भूमि पर नियमों को दरकिनार कर चलाई जा रही थीं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही थी। जानकारी के अनुसार, सिणेर गांव में लंबे समय से अवैध कपड़ा प्रोसेसिंग और धुपाई का कार्य किया जा रहा था। इन इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी और रसायन आसपास की जमीन और जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहे थे।

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बालोतरा। जिले के सिणेर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित कपड़ा धुपाई इकाइयों के खिलाफ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई यूनिट्स को बंद करवाया। ये इकाइयां कृषि भूमि पर नियमों को दरकिनार कर चलाई जा रही थीं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही थी।

जानकारी के अनुसार, सिणेर गांव में लंबे समय से अवैध कपड़ा प्रोसेसिंग और धुपाई का कार्य किया जा रहा था। इन इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी और रसायन आसपास की जमीन और जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत संबंधित विभागों से की थी, जिसके बाद पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान टीम ने पाया कि अधिकांश इकाइयां बिना किसी वैध अनुमति के संचालित हो रही थीं और पर्यावरणीय मानकों का खुला उल्लंघन कर रही थीं। बोर्ड की टीम ने तत्काल प्रभाव से कई इकाइयों को सीज कर दिया और संचालकों को नोटिस जारी किए। साथ ही भविष्य में नियमों का पालन नहीं करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इन अवैध इकाइयों का संचालन प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा था। उनका कहना है कि पूर्व में भी यहां इसी तरह की बड़ी कार्रवाई की गई थी, लेकिन कुछ समय बाद फिर से इकाइयां शुरू हो गईं। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि इस बार स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि अवैध गतिविधियां दोबारा शुरू न हो सकें। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जाएगी और किसी भी अवैध इकाई को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।

 
 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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