7 दिवसीय आवासीय मधुमेह चिकित्सा शिविर शुरू

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा आयोजित 7 दिवसीय आवासीय मधुमेह चिकित्सा शिविर 11 मई से विश्वविद्यालय परिसर स्थित . संजीवनी आयुर्वेद चिकित्सालय में प्रारंभ हो चुका है, जो 17 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। शिविर में पंजीकृत मरीज उत्साहपूर्वक भाग लेकर आयुर्वेद, योग एवं स्वास्थ्य केंद्रित जीवनशैली का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा आयोजित 7 दिवसीय आवासीय मधुमेह चिकित्सा शिविर 11 मई से विश्वविद्यालय परिसर स्थित . संजीवनी आयुर्वेद चिकित्सालय में प्रारंभ हो चुका है, जो 17 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। शिविर में पंजीकृत मरीज उत्साहपूर्वक भाग लेकर आयुर्वेद, योग एवं स्वास्थ्य केंद्रित जीवनशैली का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल प्रतिदिन शिविर में पहुंचकर स्वयं मरीजों से संवाद कर रहे हैं तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति एवं उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 

मधुमेह केवल दवाओं पर निर्भर रहने वाला रोग नहीं है। आयुर्वेद, योग, प्राणायाम एवं अनुशासित जीवनशैली को अपनाकर इस रोग को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। यह शिविर लोगों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली की ओर प्रेरित करने का एक सकारात्मक प्रयास है।”

शिविर आयोजन समिति के सह सचिव डॉ. ब्रह्मानंद शर्मा ने बताया कि शिविर में रोगियों के लिए सुबह उठने से लेकर रात्रि विश्राम तक की विशेष एसओपी तैयार की गई है, जिसका नियमित पालन करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन रोगियों को प्रातःकाल गुनगुना जल एवं मेडिकेटेड जल दिया जाता है, जिसके बाद योग, प्राणायाम एवं ध्यान सत्र आयोजित किए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि रोगियों के लिए नाश्ता एवं भोजन भी उनकी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुसार विशेष रूप से कस्टमाइज किया गया है। शिविर में प्रतिदिन सभी प्रतिभागियों के ब्लड शुगर स्तर एवं अन्य वाइटल्स की नियमित जांच की जा रही है। साथ ही रात्रि 8 बजे तक सभी रोगियों को विश्राम हेतु प्रेरित किया जाता है ताकि शरीर की जैविक दिनचर्या संतुलित बनी रहे।

डॉ. शर्मा ने बताया कि इस आवासीय शिविर में कुल 30 रजिस्टर्ड हुए है सभी रोगियों को आयुर्वेदिक औषधियों के साथ-साथ प्रतिदिन पंचकर्म चिकित्सा एवं प्राकृतिक चिकित्सा भी दी जा रही है, जिससे रोगियों को समग्र स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्यवर्धक पेय, विशेष डाइट व्यवस्था एवं जीवनशैली सुधार संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।

चिकित्सालय अधीक्षक प्रोफेसर ए नीलिमा रेड्डी ने बताया कि शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों, योग प्रशिक्षकों एवं नर्सिंग कर्मियों की समर्पित टीम दिन-रात सेवाएं दे रही है, जिससे मरीजों को समुचित चिकित्सा एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिल रहा है।

शिविर के दौरान रोगियों को आयुर्वेदिक औषधियां, स्वास्थ्यवर्धक पेय, विशेष डाइट व्यवस्था, पंचकर्म एवं प्राकृतिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। साथ ही जीवनशैली सुधार एवं स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से प्रतिभागियों को दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ के लिए जागरूक किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि आयुर्वेद आधारित चिकित्सा एवं योग आज के समय में मधुमेह नियंत्रण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहे हैं।

 

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Author
Rajendra Harsh
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