पुणे–भगत की कोठी साप्ताहिक एक्सप्रेस अब एलएचबी रैक से होगी संचालित

जोधपुर। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा अनुभव को और बेहतर बनाने की दिशा में रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुणे–भगत की कोठी–पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस को अब पारंपरिक आईसीएफ कोचों के स्थान पर आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) रैक से संचालित किया जाएगा। यह ट्रेन 18 जनवरी को पुणे से तथा 20 जनवरी को भगत की कोठी से एलएचबी रैक के साथ दौड़ेगी।

 

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पुणे–भगत की कोठी साप्ताहिक एक्सप्रेस अब एलएचबी रैक से होगी संचालित

जोधपुर। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा अनुभव को और बेहतर बनाने की दिशा में रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुणे–भगत की कोठी–पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस को अब पारंपरिक आईसीएफ कोचों के स्थान पर आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) रैक से संचालित किया जाएगा। यह ट्रेन 18 जनवरी को पुणे से तथा 20 जनवरी को भगत की कोठी से एलएचबी रैक के साथ दौड़ेगी।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनुराग त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेन संख्या 11090/11089 पुणे–भगत की कोठी साप्ताहिक एक्सप्रेस को एलएचबी कोचों से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इस बदलाव से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक यात्रा सुविधाएं मिलेंगी।

डीआरएम ने बताया कि एलएचबी कोच पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक मजबूत और उन्नत तकनीक से बने होते हैं। इनमें बेहतर सस्पेंशन सिस्टम होने से यात्रा के दौरान झटके और कंपन कम महसूस होते हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुखद बनती है। इसके साथ ही एलएचबी कोचों की अधिकतम गति क्षमता भी ज्यादा होती है।

यह ट्रेन राजस्थान और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली एक प्रमुख रेलसेवा है। पुणे से यह ट्रेन प्रत्येक रविवार को तथा भगत की कोठी से प्रत्येक मंगलवार को संचालित होती है, जिससे बड़ी संख्या में यात्री लाभान्वित होते हैं।

कोच संरचना में बदलाव
एलएचबी रैक के साथ यह ट्रेन कुल 20 डिब्बों के साथ चलेगी। इसमें

  • 2 सेकेंड एसी

  • 4 थर्ड एसी

  • 8 स्लीपर कोच

  • 4 जनरल कोच

  • 1 लगेज/जनरेटर/ब्रेक वैन

  • 1 गार्ड डिब्बा शामिल रहेगा।

एलएचबी कोचों के प्रमुख फायदे
एलएचबी कोचों में एंटी-टेलिस्कोपिक डिजाइन होता है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में डिब्बे एक-दूसरे में नहीं घुसते और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ती है। इन कोचों में आधुनिक बायो-टॉयलेट, बेहतर वेंटिलेशन, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, उन्नत प्रकाश व्यवस्था तथा वातानुकूलित डिब्बों में डबल ग्लेज्ड खिड़कियां होती हैं, जिससे बाहरी शोर कम होता है। रेलवे के इस कदम से यात्रियों को न केवल बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यात्रा भी अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनेगी।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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