जोधपुर।
समर्पण मारवाड़ सेवा संस्थान द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करते हुए पोस्टर का विधिवत विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम उदयपुर केंद्रीय कारागार में आयोजित हुआ, जहां पोस्टर विमोचन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव माननीय कुलदीप शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर नशे के दुष्प्रभावों और उससे मुक्ति के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
संस्था अध्यक्ष कपिल अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि समर्पण मारवाड़ सेवा संस्थान द्वारा नशा मुक्त भारत जागरूकता अभियान पूरे राजस्थान में निरंतर चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उदयपुर केंद्रीय कारागार में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक नशे के खिलाफ सशक्त संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव कुलदीप शर्मा ने कहा कि नशा व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर बनाता है। उन्होंने बंदियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नशे से मुक्ति पाकर व्यक्ति न केवल अपना भविष्य संवार सकता है, बल्कि अपने परिवार को भी सुखी और सुरक्षित जीवन दे सकता है। साथ ही उन्होंने कानूनी सहायता और पुनर्वास से जुड़ी जानकारियां भी साझा कीं।
कार्यक्रम के दौरान पोस्टरों के माध्यम से नशे के दुष्परिणाम, उससे बचाव और सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश दिया गया। उपस्थित बंदियों ने भी अभियान में रुचि दिखाते हुए नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उदयपुर सेंट्रल जेल की उप अधीक्षक, महिला मोर्चा अध्यक्ष विजयलक्ष्मी अरोड़ा सहित जेल स्टाफ के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन विभिन्न जिलों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर किया जाएगा, ताकि समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
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