जोधपुर जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) में पेंशन भुगतान को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे पेंशनरों का आक्रोश मंगलवार को और अधिक भड़क गया। अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे पेंशनरों से वार्ता करने के लिए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पवन कुमार मौके पर पहुंचे, लेकिन बातचीत के दौरान हालात बिगड़ गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
जानकारी के अनुसार पेंशनरों की मांग है कि उन्हें समय पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित किया जाए और बकाया राशि का शीघ्र निस्तारण किया जाए। पेंशनरों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कुलगुरु के पहुंचने के बाद वार्ता की शुरुआत तो शांतिपूर्ण रही, लेकिन जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ी, पेंशनरों का आक्रोश बढ़ता गया। सूत्रों के अनुसार बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पेंशनरों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और जब वे अपने हक की बात करते हैं तो उन्हें दबाने का प्रयास किया जाता है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि पेंशन भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया जटिल है और सरकार से मिलने वाले अनुदान पर निर्भर करती है, फिर भी समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
पेंशनरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। धरनास्थल पर मौजूद कई पेंशनरों ने कहा कि पेंशन उनकी जीवनरेखा है और इसमें देरी से उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
घटना की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात पर नजर रखी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।
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