उदयपुर में चिकित्सकों पर हमले की आईएमए जोधपुर ने की निंदा

जोधपुर, 4 जून। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) जोधपुर शाखा ने उदयपुर में वरिष्ठ चिकित्सक एवं आईएमए राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता, डॉ. जे.पी. शर्मा तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए हिंसक हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। आईएमए ने इसे केवल चिकित्सकों पर हमला नहीं, बल्कि संपूर्ण चिकित्सा समुदाय और स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था पर सीधा आघात बताया है। आईएमए जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा और सचिव डॉ. प्रदीप जैन द्वारा जारी बयान में कहा गया कि पुलिस प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।


जोधपुर, 4 जून। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) जोधपुर शाखा ने उदयपुर में वरिष्ठ चिकित्सक एवं आईएमए राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता, डॉ. जे.पी. शर्मा तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए हिंसक हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। आईएमए ने इसे केवल चिकित्सकों पर हमला नहीं, बल्कि संपूर्ण चिकित्सा समुदाय और स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था पर सीधा आघात बताया है।

आईएमए जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा और सचिव डॉ. प्रदीप जैन द्वारा जारी बयान में कहा गया कि पुलिस प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें अवैध जमाव, दंगा, घातक हथियार के साथ दंगा, गलत तरीके से रोकना, स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, हत्या का प्रयास तथा गंभीर चोट पहुंचाने सहित राजस्थान चिकित्सा संस्थान एवं सेवाकर्मी सुरक्षा अधिनियम, 2008 की प्रासंगिक धाराएं शामिल हैं।

संघ ने प्रशासन से मांग की है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों, भड़काने वालों और सहयोगियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए तथा उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आईएमए का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाना आवश्यक है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध हिंसा करने का साहस न कर सके।

आईएमए ने कहा कि चिकित्सक दिन-रात समाज की सेवा में लगे रहते हैं। किसी भी चिकित्सकीय जटिलता या अप्रत्याशित परिणाम का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि संवाद और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। अस्पतालों में होने वाली हिंसा न केवल चिकित्सकों का मनोबल गिराती है, बल्कि आम मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रभावित करती है।

आईएमए जोधपुर ने डॉ. आनंद गुप्ता, डॉ. जे.पी. शर्मा और उदयपुर के समस्त चिकित्सक समुदाय के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सकों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संगठन हर वैधानिक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन ने स्पष्ट संदेश दिया कि डॉक्टरों पर हिंसा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 
 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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