केंद्र सरकार का बड़ा और सराहनीय फैसला, तंबाकू उत्पादों पर बढ़ा टैक्स
केंद्र सरकार ने जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने का महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय लिया है। यह नया कर 1 फ़रवरी से देशभर में लागू होगा। इस फैसले के तहत सिगरेट, तंबाकू, पान मसाला और अन्य तंबाकू युक्त उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है। सरकार के इस कदम को सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा और ठोस प्रयास माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करना और इससे होने वाली गंभीर बीमारियों पर नियंत्रण पाना है। तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और अन्य जानलेवा रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली पर भी भारी बोझ पड़ता है। अतिरिक्त कर के माध्यम से सरकार न केवल तंबाकू की खपत कम करना चाहती है, बल्कि इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में भी किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू उत्पादों की कीमतों में वृद्धि का सबसे अधिक असर युवा वर्ग पर पड़ेगा। महंगे दाम होने से युवाओं में तंबाकू उत्पादों की खरीद और सेवन पर अंकुश लगेगा, जिससे वे नशे की लत से दूर रह सकेंगे। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह फैसला दीर्घकालीन रूप से समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देगा।
जनस्वास्थ्य से जुड़े संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले उत्पादों पर सख्ती समय की मांग थी। तंबाकू नियंत्रण के लिए टैक्स बढ़ाना एक प्रभावी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाया गया उपाय है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन भी समर्थन देता है।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का यह कदम उसकी दूरदर्शी और जनहितैषी नीति को दर्शाता है। आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और रोगमुक्त समाज के निर्माण की दिशा में इसे एक मजबूत और सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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