अमेरिकन साम्राज्यवाद के खिलाफ गुस्सा,

अमेरिकी साम्राज्यवादी नीतियों और वेनेजुएला पर कथित तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई के विरोध में सोमवार को जोधपुर में वामपंथी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संयुक्त बैनर तले जोधपुर कलेक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया गया।

 

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अमेरिकन साम्राज्यवाद के खिलाफ गुस्सा, जोधपुर में वाम दलों का विरोध प्रदर्शन

जोधपुर, 5 जनवरी।
अमेरिकी साम्राज्यवादी नीतियों और वेनेजुएला पर कथित तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई के विरोध में सोमवार को जोधपुर में वामपंथी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संयुक्त बैनर तले जोधपुर कलेक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया गया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमेरिका ने अपनी साम्राज्यवादी नीतियों को आगे बढ़ाते हुए एक लोकतांत्रिक देश वेनेजुएला पर सैन्य हमला किया तथा वहां के निर्वाचित लोकप्रिय राष्ट्रपति निकोलस मुदरो और उनकी पत्नी को गिरफ़्तार कर लोकतंत्र पर सीधा हमला किया है। इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए वाम दलों ने इसे कायरतापूर्ण और निंदनीय करार दिया।

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला सचिव किशन मेघवाल ने कहा कि अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ पूरी दुनिया में मेहनतकश वर्ग और लोकतंत्र पसंद लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने बताया कि न केवल विभिन्न देशों में बल्कि स्वयं अमेरिका में भी बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। मेघवाल ने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और लोकतांत्रिक व्यवस्था में बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और वेनेजुएला के समर्थन में एकजुटता दिखाई। वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका लंबे समय से कमजोर देशों पर दबाव बनाकर अपने हित साधता रहा है, जो विश्व शांति और लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।

इस विरोध प्रदर्शन में कॉमरेड जयराम खांगटा, गोवर्धन व्यास, महिपाल सिंह, मुकेश कटारिया, एडवोकेट पी.आर. मेघवाल, एडवोकेट खैराज बोस, एडवोकेट आशा मीणा, सी.आर. खाम्भू, एडवोकेट डी.आर. मेहरा, राजकुमार चौपड़ा, छगन मेघवाल, गुनिया बारूपाल, एडवोकेट अशोक कडेला सहित अनेक कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अमेरिकी साम्राज्यवाद का विरोध करते हुए वेनेजुएला की जनता के साथ एकजुटता प्रकट की।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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