नोबेल शांति पुरस्कार की 36 वीं वर्षगांठ 10 दिसंबर बुधवार को आयोजित किया

भारत तिब्बत मैत्री संघ और तिब्बती ऊनी वस्त्र व्यापार संघ की ओर से विश्व मानवाधिकार दिवस पर तिब्बत के धर्म गुरु परम पावन दलाई लामा जी को मिले नोबेल शांति पुरस्कार की 36  वीं वर्षगांठ 10 दिसंबर बुधवार को आयोजित किया 

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जोधपुर — विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर भारत तिब्बत मैत्री संघ और तिब्बती ऊनी वस्त्र व्यापार संघ की ओर से बुधवार, 10 दिसंबर को परम पावन दलाई लामा को प्राप्त नोबेल शांति पुरस्कार की 36वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई।

ऊनी वस्त्र व्यापार संघ के प्रधान कासांग ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत विश्व शांति के लिए की गई विशेष प्रार्थना से हुई। इसके बाद प्रार्थना सभा एवं तिब्बती संस्कृति से जुड़े आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिनमें उपस्थित सभी मेहमानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली तथा सुरसागर विधायक देवेंद्र जोशी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में संघ प्रदेशाध्यक्ष रेशम वाला और महासचिव पुखराज जांगिड़ ने शिरकत की।

आयोजकों ने बताया कि वर्ष 2025 परम पावन दलाई लामा के 90वें जन्मदिवस का वर्ष है। इस कारण वर्ष 2025 को “करुणा वर्ष (Year of Compassion)” के रूप में घोषित किया गया है, जिसके तहत पूरे वर्ष बड़े स्तर पर आयोजनों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर दलाई लामा जी के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन के लिए विशेष प्रार्थना की गई। कार्यक्रम के दौरान सम्मान और श्रद्धा स्वरूप तिब्बती ऊनी वस्त्र व्यापारियों की सभी दुकानों को अपराह्न अवधि में बंद रखा गया।

कार्यक्रम में तिब्बती समर्थन समूह, जोधपुर के प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा भारत तिब्बत मैत्री संघ के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष शीतल सुराणा ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को प्रेरणादायी बनाया।

प्रदेशाध्यक्ष रेशम वाला और महासचिव पुखराज जांगिड़ ने बताया कि दलाई लामा जी की करुणा, शांति और मानवता की शिक्षा विश्व भर में करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है। ऐसे कार्यक्रम भारत और तिब्बत के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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Author
Rajendra Harsh
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