कायलाना झील में डूबने लगे दो युवक, गोताखोरों की सतर्कता से बची जान

जोधपुर। ईद के मौके पर कायलाना झील घूमने आए दो युवकों की जान स्थानीय गोताखोरों और नाविकों की सतर्कता से बच गई। जानकारी के अनुसार अरमान नामक युवक झील किनारे सेल्फी ले रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। युवक को डूबता देख उसे बचाने के लिए बीकानेर से जोधपुर घूमने आए रहमान नामक युवक ने भी झील में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों एक-दूसरे को पकड़ने के कारण पानी में संतुलन खो बैठे और डूबने लगे।

 

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जोधपुर। ईद के मौके पर कायलाना झील घूमने आए दो युवकों की जान स्थानीय गोताखोरों और नाविकों की सतर्कता से बच गई। जानकारी के अनुसार अरमान नामक युवक झील किनारे सेल्फी ले रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। युवक को डूबता देख उसे बचाने के लिए बीकानेर से जोधपुर घूमने आए रहमान नामक युवक ने भी झील में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों एक-दूसरे को पकड़ने के कारण पानी में संतुलन खो बैठे और डूबने लगे।

घटना के दौरान दोनों युवकों की चीख-पुकार सुनकर झील पर मौजूद नाविकों और गोताखोरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। गोताखोर भरत चौधरी, सुरेश नारायण, वेलाराम, मूलाराम, भगीरथ, महिपाल और गणेश तत्काल रिंग सेफ्टी उपकरण लेकर झील किनारे पहुंचे। स्थिति गंभीर देखते हुए भरत चौधरी और उनकी टीम ने बिना समय गंवाए झील में छलांग लगा दी और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

घटना की सूचना तुरंत राजीव गांधी नगर थाना को दी गई। थाना अधिकारी रविंद्र पाल सिंह को जानकारी मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। प्राथमिक जांच में दोनों युवक सुरक्षित पाए गए, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। प्रत्यक्षदर्शियों ने गोताखोरों की तत्परता और साहस की सराहना की।

गोताखोर भरत चौधरी ने घटना के बाद आमजन से अपील करते हुए कहा कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में लोग कायलाना झील घूमने आते हैं, ऐसे में सभी को सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि झील के पानी से कम से कम 10 फीट दूरी बनाए रखें और सेल्फी लेने या जोखिम भरे तरीके से पानी के पास जाने से बचें, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

स्थानीय लोगों ने कहा कि समय रहते बचाव कार्य नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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