जोधपुर में मई दिवस पर निकला विशाल श्रमिक जुलूस, मजदूर अधिकारों की उठी आवाज
जोधपुर, 01 मई 2026। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शहर में संयुक्त श्रमिक संगठनों द्वारा भव्य रैली और सभा का आयोजन किया गया। रेलवे कॉ-ऑपरेटिव बैंकिंग सोसायटी के पास स्थित रेलवे इंस्टीट्यूट में कार्यक्रम की शुरुआत संयुक्त श्रमिक संगठन के अध्यक्ष गोपी किशन व्यास, संयोजक मनोज कुमार परिहार और अन्य पदाधिकारियों द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई।
इसके बाद कर्मचारियों और मजदूरों ने दो-दो की पंक्तियों में हाथों में लाल झंडे और मई दिवस के बैनर लेकर रैली निकाली। यह रैली रेलवे स्टेशन चौराहा, रणछोड़ मंदिर, चांदसा तकिया मार्केट, सोजती गेट चौराहा और राजीव गांधी सर्किल से होते हुए मजदूर मैदान पहुंची। इस दौरान “इंकलाब जिंदाबाद”, “शिकागो के शहीद अमर रहें” और “आतंकवाद मुर्दाबाद” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
मजदूर मैदान में रैली सभा में परिवर्तित हो गई, जहां वक्ताओं ने श्रमिक अधिकारों और वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने Haymarket Affair का उल्लेख करते हुए बताया कि 1 मई 1886 को शिकागो में 8 घंटे कार्यदिवस की मांग को लेकर हुए आंदोलन में शहीद हुए मजदूरों के बलिदान के कारण ही आज श्रमिकों को यह अधिकार प्राप्त हुआ।
सभा को संबोधित करते हुए गोपी किशन व्यास ने कहा कि मजदूरों को अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए लेबर कोड का विरोध जताया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी नीतियों के कारण मजदूरों के हित प्रभावित हो रहे हैं और निजीकरण की प्रक्रिया तेज हो रही है।
एम.डी. पुरोहित ने कहा कि विभिन्न विभागों के निजीकरण से श्रमिकों का भविष्य संकट में पड़ सकता है। वहीं कॉमरेड मुकेश सक्सेना ने युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और नीतिगत चुनौतियों पर चिंता जताई। पूर्व विधायक मनीषा पंवार ने महंगाई और बढ़ती गैस कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए आमजन की कठिनाइयों का उल्लेख किया।
सभा का संचालन नदीम खान ने किया। इस दौरान विभिन्न संगठनों के अनेक पदाधिकारी, श्रमिक नेता और बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे। कार्यक्रम ने श्रमिक एकता और अधिकारों के प्रति जागरूकता का मजबूत संदेश दिया।
Write a Response