जोधपुर में पहली बार जिला स्तर पर मनाई जाएगी मेघ ऋषि जयंती

सभा को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठजन सोहनलाल लखानी ने कहा कि मेघ या मेग भारत का एक प्राचीन राजनीतिक और सांस्कृतिक जातीय समूह रहा है, जिनके आराध्य देव भगवान मेघ ऋषि हैं। उन्होंने बताया कि जोधपुर में पहली बार जिला स्तर पर मेघ ऋषि जयंती का आयोजन किया जा रहा है, जिसके सफल संचालन के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों, ढाणियों और शहरों में लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। समाजसेवी कालूराम सोनेल ने बताया कि जयंती समारोह के दौरान विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भाग लेंगी।

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जोधपुर। मेघवाल समाज द्वारा इस वर्ष पहली बार जिला स्तर पर भगवान मेघ ऋषि जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। आयोजन को लेकर समाज में उत्साह का माहौल है और गांवों से लेकर शहर तक तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। जयंती समारोह की रूपरेखा तय करने के लिए बिसलपुर में समाज की आमसभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठजन सोहनलाल लखानी ने कहा कि मेघ या मेग भारत का एक प्राचीन राजनीतिक और सांस्कृतिक जातीय समूह रहा है, जिनके आराध्य देव भगवान मेघ ऋषि हैं। उन्होंने बताया कि जोधपुर में पहली बार जिला स्तर पर मेघ ऋषि जयंती का आयोजन किया जा रहा है, जिसके सफल संचालन के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों, ढाणियों और शहरों में लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

समाजसेवी कालूराम सोनेल ने बताया कि जयंती समारोह के दौरान विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भाग लेंगी। इसके साथ ही भगवान मेघ ऋषि की आकर्षक झांकी सजाई जाएगी, जिसमें उनके जीवन और समाज को दिए गए योगदान को दर्शाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कपड़ा बुनाई की कला को विकसित करने वाले मेघ ऋषि की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज का दायित्व है।

कार्यक्रम में मेघवाल समाज के संत-महापुरुषों की झांकियां भी शामिल की जाएंगी, जिनके माध्यम से उनके जीवन, विचारों और योगदान से समाज को परिचित कराया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि अपने आराध्य देव और संतों के इतिहास का संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली अतीत से परिचित रह सकें।

आमसभा में पूर्व विधायक हिराराम मेघवाल, नथमल खीची, रमेश पंवार, सरपंच आईदानराम मेघवाल, गणपतराम मेहरा, नरपत पनु, मोहनलाल कटारिया, पारसराम, नरसिंहराम काला, जगदीश परिहार, ओमप्रकाश गांधी, बी.आर. इणकिया, सोमाराम पंवार, रामेश्वर तालणिया, कमला बुगालिया और एडवोकेट कन्हैयालाल चौहान सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।

 
 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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