बनाड़ महापड़ाव के बाद जेईएन हटाए गए

जोधपुर के बनाड़ जीएसएस पर गुरुवार को बिजली समस्याओं और कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) हेमंत सोनी की कार्यशैली के विरोध में ग्रामीणों का महापड़ाव सफल रहा। बनाड़ और आसपास की ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह से शुरू हुए धरने में हजारों ग्रामीण शामिल हुए। दोपहर करीब 12 बजे वार्ता के लिए पहुंचे सहायक अभियंता (एईएन) को ग्रामीणों ने संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वापस लौटा दिया।


जोधपुर के बनाड़ जीएसएस पर गुरुवार को बिजली समस्याओं और कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) हेमंत सोनी की कार्यशैली के विरोध में ग्रामीणों का महापड़ाव सफल रहा। बनाड़ और आसपास की ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

सुबह से शुरू हुए धरने में हजारों ग्रामीण शामिल हुए। दोपहर करीब 12 बजे वार्ता के लिए पहुंचे सहायक अभियंता (एईएन) को ग्रामीणों ने संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वापस लौटा दिया। इसके बाद डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता (एसई) माथुर और अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) जयपाल चौधरी स्वयं मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद दोपहर तीन बजे सहमति बनी।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग को स्वीकार करते हुए एसई माथुर ने जेईएन हेमंत सोनी को तत्काल प्रभाव से बनाड़ जीएसएस से हटाने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही क्षेत्र में 132 केवी बिजली घर और नए एईएन कार्यालय की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने यह भी घोषणा की कि बनाड़ जीएसएस पर प्रत्येक माह विशेष जनसुनवाई एवं समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे आमजन की बिजली संबंधी समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो सके।

वार्ता में कई अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर भी सहमति बनी। बनाड़ और सिद्धार्थ नगर में नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे तथा जीएसएस की क्षमता बढ़ाने के साथ जर्जर तार और पोल बदले जाएंगे। जाटों की ढाणी की बिजली सप्लाई को बनाड़ फीडर से जोड़ा जाएगा। सोडेर और नांदड़ा खुर्द में नए ट्रांसफार्मर लगाने तथा ढीले तारों के बीच नए पोल स्थापित करने का निर्णय लिया गया। वहीं खोखरिया और गुजरावास क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या के समाधान, झूलते तारों को कसने, पेड़ों की शाखाओं की कटाई और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने पर भी सहमति बनी।

महापड़ाव में विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मांगों पर सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने संतोष जताया, लेकिन साथ ही प्रशासन से सभी घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग भी की।

 
 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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