जोधपुर के व्यास मेडिसिटी अस्पताल में दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी की पहचान
1 करोड़ में एक मरीज में पाई जाने वाली “चानारिन-डॉर्फमैन सिंड्रोम” बीमारी का सफल निदान
जोधपुर। चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए Vyas Medcity Super Speciality Hospital के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 19 वर्षीय युवती में एक अत्यंत दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी “चानारिन-डॉर्फमैन सिंड्रोम” (Chanarin-Dorfman Syndrome) की सफल पहचान की है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बीमारी इतनी दुर्लभ मानी जाती है कि लगभग 1 करोड़ लोगों में से केवल एक मरीज में ही इसके मामले सामने आते हैं।
अस्पताल के फिजिशियन Dr. Naveen Chhaba ने मरीज की विस्तृत जांच, मेडिकल हिस्ट्री और विभिन्न लक्षणों का गहन अध्ययन किया। जांच के दौरान सामने आया कि युवती जन्मजात पाचन विकृति से जुड़ी इस दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित है। चिकित्सकों के अनुसार इस बीमारी में त्वचा पर सूखापन और पपड़ीदार परतें बनना, शरीर में असामान्य रूप से वसा जमा होना, कमजोरी, लिवर संबंधी समस्याएं और अन्य जटिल स्वास्थ्य परेशानियां देखने को मिलती हैं।
जानकारी के अनुसार युवती पिछले करीब 18 वर्षों से विभिन्न शहरों और अस्पतालों में इलाज करवाती रही, लेकिन बीमारी का सही निदान नहीं हो पाया। लगातार स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक तनाव के बीच मरीज ने आखिरकार व्यास मेडिसिटी अस्पताल में परामर्श लिया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सामान्य उपचारों से राहत नहीं मिलने पर दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी की संभावना को ध्यान में रखते हुए विशेष जांचें करवाईं, जिसके बाद बीमारी की सटीक पहचान संभव हो सकी।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह उपलब्धि आधुनिक जांच तकनीक, चिकित्सकीय अनुभव और सतर्कता का परिणाम है। अस्पताल के चेयरमैन Manish Vyas ने इस सफलता पर मेडिसिन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल उपचार करना नहीं, बल्कि जटिल और दुर्लभ बीमारियों की सही पहचान कर मरीजों को बेहतर जीवन देना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के कई मरीज वर्षों तक सही बीमारी का पता नहीं चल पाने के कारण परेशान रहते हैं, ऐसे में समय पर सही निदान बेहद जरूरी होता है।
चिकित्सकों ने बताया कि दुर्लभ बीमारियों के प्रति जागरूकता और समय पर पहचान से मरीजों को बेहतर उपचार, उचित परामर्श और भविष्य की जटिलताओं से बचाने में मदद मिलती है। सफल निदान के बाद मरीज और उसके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन तथा चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।
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