FIR कराने वाले को अब मिलेगी जांच रिपोर्ट

  • Posted on May 24, 2026
  • खास
  • By Rajendra Harsh
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Rajasthan High Court ने एफआईआर दर्ज कराने वाले नागरिकों के अधिकारों को मजबूत करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अब पुलिस को शिकायतकर्ता को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और पीड़ित पक्ष को राहत देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यह आदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें न्यायाधीश Justice Vineet Kumar Mathur और Justice Sunil Beniwal शामिल थे, ने ईश्वर प्रसाद की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते


Rajasthan High Court ने एफआईआर दर्ज कराने वाले नागरिकों के अधिकारों को मजबूत करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अब पुलिस को शिकायतकर्ता को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और पीड़ित पक्ष को राहत देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

यह आदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें न्यायाधीश Justice Vineet Kumar Mathur और Justice Sunil Beniwal शामिल थे, ने ईश्वर प्रसाद की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए 9 अप्रैल 2026 को जारी परिपत्र को पूरी गंभीरता और सही भावना के साथ लागू किया जाए।

कोर्ट ने माना कि कई मामलों में एफआईआर दर्ज कराने वाले लोगों को जांच की स्थिति और अंतिम रिपोर्ट की जानकारी समय पर नहीं मिलती, जिसके कारण उन्हें बार-बार पुलिस थानों और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता को जांच की प्रगति और निष्कर्ष से अवगत कराना न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब पुलिस अधिकारियों के लिए यह आवश्यक होगा कि वे जांच पूरी होने पर संबंधित व्यक्ति को रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराएं। साथ ही जांच के दौरान होने वाली महत्वपूर्ण प्रगति की जानकारी भी शिकायतकर्ता को दी जाएगी। माना जा रहा है कि इससे पुलिस कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ेगी और आमजन का भरोसा भी मजबूत होगा।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। इससे न केवल जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, बल्कि लोगों को न्याय पाने में भी आसानी होगी।

अदालत के इस फैसले के बाद अब प्रदेशभर के पुलिस विभागों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपनी प्रक्रिया में बदलाव करना होगा, ताकि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जा सके।

 
 
 
 
 
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